Sunday, 17 April 2016

आशा ही जीवन है

मनुष्य के लिए आशा ही जीवन होती है। बिना उम्मीद के मानव अपना जीवन व्यतीत नहीं कर सकता। मानव के लिए आशा की उम्मीद बहुत आवश्यक है। मनुष्य के लिए सुख और दुःख दोनों जरुरी होते है। उसी उम्मीद से वह अपना सारा जीवन व्यतीत कर सकता है। एक आम आदमी अपने सुख के लिए बहुत कठिन परिश्रम करता है।  वह कोई भी कार्य बिना उम्मीद के नहीं कर सकता है। उसे एक आशा की किरण की आवश्यकता होती है। इसलिए मनुष्य के लिए आशा ही जीवन है।  

 

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